लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 1 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू होगा। यह अभियान 10 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान ऐसी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तय मानकों के मुताबिक दुरुस्त कराया जाएगा। 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
जल सारथी ऐप से दर्ज होगी शिकायत
सड़क की स्थिति को लेकर ग्रामीण अब जल सारथी ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए ऐप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण मौके की तस्वीर और वीडियो अपलोड करके सड़क से जुड़ी समस्या सीधे दर्ज कर सकेंगे। इससे मरम्मत कार्यों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जाएगा।
जलशक्ति मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए।
उन्होंने मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि तय मानकों के अनुसार सड़क बहाली का काम पूरा हो सके।
10 नवंबर के बाद तय होगी जिम्मेदारी
जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि 10 नवंबर के बाद भी अगर सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने पेयजल योजनाओं के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
लंबित पेयजल योजनाओं को भी जल्द पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए, जहां अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है। अधिकारियों से योजनाओं की गुणवत्ता और काम को तय समयसीमा में पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
लापरवाही करने वाली एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
